Loading markets…

इज़राइल चुनाव: 74.3% मतदान, तीन एग्जिट पोलों में कोई पार्टी बहुमत में नहीं, नेतन्याहू की पार्टी

Written By LoksangharshIndia
Updated :

इजराइल में संसदीय चुनाव में 74.3% मतदान हुआ, लेकिन तीन एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। नेतन्याहू की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन गठबंधन बनाने की चुनौती बढ़ गई है।

इज़राइल चुनाव: 74.3% मतदान, तीन एग्जिट पोलों में कोई पार्टी बहुमत में नहीं, नेतन्याहू की पार्टी
Share this news

इजराइल में संसदीय चुनाव में 10 घंटे में 74.3% मतदान हुआ, जो कि रिकॉर्ड वोटिंग का मामला है। इस चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, लेकिन गठबंधन बनाने की चुनौती बढ़ गई है। तीन एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जिससे नेतन्याहू के भविष्य पर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। नेतन्याहू की पार्टी लेबर पार्टी के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह संभव नहीं लगता है क्योंकि लेबर पार्टी ने पहले ही अपने गठबंधन के लिए दूसरी पार्टी के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

इजराइल के इतिहास में यह पहली बार है जब संसदीय चुनाव में इतनी अधिक वोटिंग हुई है। इससे पहले के चुनावों में औसतन 60-70% वोटिंग हुई थी, लेकिन इस बार यह 74.3% हो गई है। इस वोटिंग के कारण नेतन्याहू की पार्टी को सबसे बड़ा लाभ मिला है, लेकिन गठबंधन बनाने की चुनौती बढ़ गई है। नेतन्याहू की पार्टी को 35 सीटें मिली हैं, जबकि लेबर पार्टी को 25 सीटें मिली हैं। दूसरी पार्टी यीशाई पार्टी को 15 सीटें मिली हैं।

इजराइल के चुनाव आयोग ने बताया है कि इस चुनाव में 74.3% मतदान हुआ है, जो कि रिकॉर्ड वोटिंग का मामला है। आयोग ने बताया कि इस चुनाव में 3.5 मिलियन से अधिक लोगों ने वोट डाले हैं। इस चुनाव में 120 सीटों के लिए चुनाव हुआ है, जिनमें से 30 सीटें आरक्षित हैं।

Also Read

श्रीलंकेने पाकिस्तानवर १८.१ षटकांत विजय मिळवून टी२० वर्ल्डकप फायनलचा प्रवेश केला

श्रीलंकेने पाकिस्तानवर १८.१ षटकांत विजय मिळवून टी२० वर्ल्डकप फायनलचा प्रवेश केला

श्रीलंकेने पाकिस्तानला १८.१ षटकांत हरवून पाचव्या वनडेत विजय मिळवला. या विजयासह श्रीलंकेने फायनलचे तिकीट निश्चित केले.

इजराइल के संसदीय चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग का जश्न मनाया जा रहा है, लेकिन यह जीत की राह के लिए नेतन्याहू के लिए मुश्किल हो सकती है। 10 घंटे में 74.3% मतदान होने के बावजूद, तीन एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। नेतन्याहू की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन गठबंधन बनाने की चुनौती बढ़ गई है। यह स्थिति नेतन्याहू के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनकी पार्टी को किसी भी गठबंधन में शामिल होने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

इजराइल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की ओर इशारा करते हुए, यह चुनाव देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के साथ जुड़े हुए हैं। इजराइल की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके साथ ही यह देश अपनी सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता के लिए चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस चुनाव में मतदाताओं ने अपनी निराशा और आक्रोश को व्यक्त किया है, जो कि देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के साथ जुड़े हुए हैं।

यह चुनाव इजराइल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता के लिए चुनौतियों का सामना कर रहा है। इजराइल के नेताओं को इस चुनाव के बाद एक मजबूत और स्थिर सरकार की आवश्यकता होगी, जो देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद कर सके।


Related News