Loading markets…

भारती और सेकरन को श्रद्धांजलि: अरलेकार और विजय ने दी स्मृति-सप्ताह की शुरुआत

Written By LoksangharshIndia
Updated :

तामिल नाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने आजादी के दीवाने सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की मृत्यु वार्षिकी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने उनके योगदान को याद किया और उनकी स्मृति में उनकी भावनात्मक श्रद्धांजलि दी।

भारती और सेकरन को श्रद्धांजलि: अरलेकार और विजय ने दी स्मृति-सप्ताह की शुरुआत
Share this news

भारती और सेकरन को श्रद्धांजलि: अरलेकार और विजय ने दी स्मृति-सप्ताह की शुरुआत

तामिल नाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने आजादी के दीवाने सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की मृत्यु वार्षिकी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने उनके योगदान को याद किया और उनकी स्मृति में उनकी भावनात्मक श्रद्धांजलि दी।

राज्यपाल अर्लेकर ने कहा, "सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन दो ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी शहादत ने आजादी के संघर्ष में नए उत्साह को जन्म दिया था। उनकी स्मृति में हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।"

मुख्यमंत्री विजय ने कहा, "सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन ने तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में अपनी जान की बाजी लगा दी थी। उनकी शहादत ने आजादी के संघर्ष को एक नया आयाम दिया था। उनकी स्मृति में हमें उनके बलिदान को याद रखना चाहिए और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।"

---

Also Read

कॉळ इंडिया ने आयोजित केली ३० पीएसयुएला लोकवाचकता प्रशिक्षण

कॉळ इंडिया ने आयोजित केली ३० पीएसयुएला लोकवाचकता प्रशिक्षण

"कोळमिने कोलकाता येथे 'मास्टर सर्कुलर्स आणि व्हिजिलेंस मॅन्युअल २०२६' वर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स या कार्यक्रमाला आयोजित केले आहे. ह्या कार्यक्रमात ३० हून अधिक पीएसयुएचे प्रतिनिधी सहभागी झाले आहेत. CVC ने या कार्यक्रमाचा आयोजन केला आहे. या कार्यक्रमाचा उद्देश मास्टर सर्कुलर्स आणि व्हिजिलेंस मॅन्युअलचे पालन करण्यासाठी प्रशिक्षकांची तयारी करणे आहे."

तामिल नाडु के इतिहास में सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों ने आजादी के संघर्ष में अपनी जान की बाजी लगा दी थी। सुभ्रमण्य भारती का जन्म 1897 में हुआ था और वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। वह तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे और उन्होंने अपनी जान की बाजी लगा दी थी। इमैनुअल सेकारन का जन्म 1908 में हुआ था और वह एक लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। वह भी तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे और उन्होंने अपनी जान की बाजी लगा दी थी।

दोनों ने तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने लोगों को जागरूक किया था और उन्हें आजादी के संघर्ष में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। उनकी शहादत ने आजादी के संघर्ष को एक नया आयाम दिया था और उन्हें आजादी के दीवाने के रूप में याद किया जाता है।

राज्यपाल अर्लेकर और मुख्यमंत्री विजय ने सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की मृत्यु वार्षिकी पर उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके योगदान को याद किया और उनकी स्मृति में उनकी भावनात्मक श्रद्धांजलि दी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो उनकी स्मृति को जीवित रखेगा और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएगा।

तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी शहादत ने आजादी के संघर्ष को एक नया आयाम दिया था और उन्हें आजादी के दीवाने के रूप में याद किया जाता है। उनकी स्मृति में हमें उनके बलिदान को याद रखना चाहिए और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।

राज्यपाल अर्लेकर और मुख्यमंत्री विजय ने सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की मृत्यु वार्षिकी पर उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके योगदान को याद किया और उनकी स्मृति में उनकी भावनात्मक श्रद्धांजलि दी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो उनकी स्मृति को जीवित रखेगा और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएगा।

तामिल नाडु की आजादी की लड़ाई में सुभ्रमण्य भारती और इमैनुअल सेकारन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी शहादत ने आजादी के संघर्ष को एक नया आयाम दिया था और उन्हें आजादी के दीवाने के रूप में याद किया जाता है। उनकी स्मृति में हमें उनके बलिदान को याद रखना चाहिए और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।


Related News